Faridabad News | रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर 1 लाख की ठगी : खाताधारक गिरफ्तार | 300% मुनाफे का दिया झांसा

टाटा कंपनी के साथ कथित रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश कर 300 प्रतिशत मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से एक लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ पुलिस ने एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले आशीष के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि शिकायतकर्ता से ठगे गए एक लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में आए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सेक्टर-7 बल्लभगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह इंस्टाग्राम पर सर्फिंग कर रहा था। इसी दौरान उसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया।
शिकायत के मुताबिक विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद वह एक व्हाट्सएप चैट पर पहुंच गया। वहां उसकी बातचीत खुद को जापानी महिला बताने वाली एक व्यक्ति से हुई। आरोप है कि बातचीत के दौरान उसे एक निवेश योजना के बारे में बताया गया और टाटा कंपनी के साथ रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट में निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता को निवेश की गई रकम पर 300 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का झांसा दिया गया। अधिक मुनाफे के लालच में शिकायतकर्ता कथित निवेश योजना पर विश्वास कर बैठा और बताए गए बैंक खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रकम ट्रांसफर करने के बाद शिकायतकर्ता को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उसने साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामले की शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बैंक खाते और ऑनलाइन लेन-देन की जांच शुरू की।
पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच के दौरान उस बैंक खाते का पता लगाया गया, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गए एक लाख रुपये पहुंचे थे। जांच के आधार पर पुलिस राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले आशीष तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक आशीष उस बैंक खाते का खाताधारक है, जिसमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाते का इस्तेमाल किस तरह किया गया और रकम आगे किन खातों या माध्यमों में भेजी गई।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी बीए पास है और एक बैंक में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत है। हालांकि मामले में उसकी कथित भूमिका और अन्य लोगों से संबंधों को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान साइबर थाना पुलिस आरोपी से बैंक खाते में आई रकम, उसके आगे हुए लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इंस्टाग्राम पर दिखाई दिए कथित इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के विज्ञापन, व्हाट्सएप चैट और बैंक खाते के बीच किस तरह का संबंध था। मामले में उपलब्ध डिजिटल और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते उपलब्ध कराने या ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



