Shimla News | दुधवा में बाबा ठाडेश्वर महाराज का मेला 13 से : ₹51 हजार तक की होंगी कुश्तियां | 12 सितंबर को भजन संध्या

शिमला। ग्राम दुधवा स्थित बाबा ठाडेश्वर महाराज की तपोस्थली पर 13 और 14 सितंबर को दो दिवसीय विशाल मेला आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाबा के दर्शन के साथ कुश्ती दंगल और भजन संध्या आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। विभिन्न क्षेत्रों से साधु-संत और श्रद्धालु भी मेले में पहुंचेंगे।
प्रशासक प्रतिनिधि मुंशीराम गुर्जर ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से मेले में 200 रुपये से लेकर 51 हजार रुपये तक की इनामी कुश्तियां करवाई जाएंगी। दंगल में अलग-अलग क्षेत्रों से पहलवान भाग लेंगे। बड़ी इनामी कुश्तियों को लेकर आसपास के गांवों के लोगों में भी उत्साह है।
मेले से एक दिन पहले 12 सितंबर की शाम भजन संध्या आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न स्थानों से आने वाले स्थानीय कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे। बाबा जसनाथ महाराज के अनुसार मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधु-संत पहुंचते हैं और उनका आगमन शुरू हो गया है।
मुंशीराम गुर्जर ने बताया कि पिछले मेले के दौरान क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर ने बाबा ठाडेश्वर महाराज मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण कराने की घोषणा की थी। उनके अनुसार अब विधायक कोष से करीब 40 लाख रुपये की लागत से बस स्टैंड से मेला स्थल तक सड़क का निर्माण कराया गया है। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
बाबा ठाडेश्वर महाराज की तपोस्थली से आसपास के क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार घर में पशु के बच्चा देने के बाद उसके पहले दूध से जमाया गया दही बाबा के मंदिर में चढ़ाने की परंपरा है। श्रद्धालु इसे बाबा के प्रति आस्था और आभार का प्रतीक मानते हैं।
क्षेत्र में बाबा ठाडेश्वर महाराज से जुड़ी कई स्थानीय धार्मिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। ग्रामीणों की मान्यता है कि बाबा की कृपा से क्षेत्र में ओलावृष्टि नहीं होती। यह स्थानीय आस्था है और इसी कारण आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं के बीच तपोस्थली का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
मेले में दुधवा, शिमला, रवां, रोजड़ा, ककराय, मांदरी, पथाना, गोद बलाहा, ठाठवाड़ी, डोसी, दलोता, मुकुंदपुरा, कुलताजपुर, नालपुर, लीलू की ढाणी, नंगलिया, मेहाड़ा, मोड़ी, इलाखर, बसई, किसनपुरा, रामबास, कोरियावास और हसनपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
Editor: नितिन यादव



