Nalagarh News | भारत स्पिरिट कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन : प्रदूषण का लगाया आरोप | फैक्ट्री बंद करने की मांग

नालागढ़। महादेव क्षेत्र में भारत स्पिरिट कंपनी के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को शिव शंकर गौशाला में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी पर प्रदूषण, तेज आवाज, दुर्गंध और गंदे पानी से परेशानी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कंपनी को बंद करने की मांग की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन ने प्रदूषण के आरोपों को खारिज किया है।
जिला परिषद सदस्य सुशीला ठाकुर और समाजसेवी ज्ञान ठाकुर ने बताया कि आसपास के ग्रामीण कंपनी की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के कारण प्रदूषण और अत्यधिक शोर की समस्या सामने आ रही है। इसके साथ ही भूजल के अधिक इस्तेमाल को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं, दुर्गंध, गंदा पानी और कचरा आसपास के क्षेत्र में परेशानी का कारण बन रहा है। ग्रामीणों ने इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कंपनी अभी पूरी तरह नियमित रूप से संचालित नहीं हुई है, इसके बावजूद उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से कंपनी के संचालन और प्रदूषण से संबंधित शिकायतों की जांच कराने की मांग की। बैठक के बाद ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
ग्रामीणों ने कंपनी को बंद करने की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर प्रशासन को जल्द कदम उठाना चाहिए। हालांकि ग्रामीणों की ओर से लगाए गए प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी आरोपों की आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
वहीं भारत स्पिरिट कंपनी के एचआर सुखविंद्र ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल ट्रायल के तौर पर संचालन कर रही है और कंपनी की तरफ से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन के दौरान टरबाइन चलने से आवाज आती है, लेकिन नियमित संचालन शुरू होने के बाद यह समस्या नहीं रहने की उम्मीद है।
कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के अलग-अलग दावों के बीच अब प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी। ग्रामीणों ने फिलहाल अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।
Editor: नितिन यादव



