Chandigarh News | निजीकरण के विरोध में विधायक को ज्ञापन : मानसून सत्र में मुद्दा उठाने की मांग | 31 अगस्त को 2 घंटे काम रोकेंगे

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पिहोवा के बिजली कर्मचारियों ने बिजली निगम के निजीकरण और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पिहोवा विधायक मनदीप चट्ठा को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने विधायक से बिजली विभाग के निजीकरण से जुड़े मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में उठाने और सरकार से जवाब मांगने का आग्रह किया।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने रविवार को कुरुक्षेत्र स्थित विधायक मनदीप चट्ठा के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन दिया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग से जुड़े फैसलों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर उनमें नाराजगी है। उन्होंने निजीकरण से संबंधित फैसलों का विरोध करते हुए इन्हें जनहित और कर्मचारी हित के खिलाफ बताया।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के यूनिट प्रधान बलवीर रंगा, यूनिट सचिव रणजीत सिंह और यूनिट सचिव गुरचरण संधु ने संयुक्त रूप से कहा कि बिजली मंत्री की अध्यक्षता में पूर्व में यूनियन प्रतिनिधियों के साथ कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर बातचीत हुई थी। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि जिन मांगों पर सहमति बनी थी, सरकार अब उनसे पीछे हट रही है। इसी कारण संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने दोबारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आंदोलन के तहत प्रदेश के विधायकों को ज्ञापन देकर बिजली कर्मचारियों की मांगों और निजीकरण से जुड़ी आपत्तियों से अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में पिहोवा के कर्मचारियों ने विधायक मनदीप चट्ठा को ज्ञापन सौंपकर विधानसभा के मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाने की मांग की।
संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार सोमवार, 31 अगस्त को कर्मचारी सब डिवीजन स्तर पर दो घंटे काम रोककर विरोध जताएंगे। यह प्रदर्शन नगर पालिका कर्मचारियों की मौजूदा हड़ताल और रोडवेज कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के समर्थन में भी किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारी सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करेंगे।
कर्मचारी नेताओं ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने से संबंधित फैसले पर भी आपत्ति जताई। मोर्चा पदाधिकारियों ने बताया कि 31 अगस्त के प्रदर्शन के दौरान इससे संबंधित आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि बिजली विभाग के निजीकरण की दिशा में कोई कदम उठाया गया तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कर्मचारियों ने विधायक से कहा कि बिजली विभाग आम लोगों से सीधे जुड़ी आवश्यक सेवा है। इसलिए इससे संबंधित महत्वपूर्ण फैसलों पर कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को विधानसभा के मंच पर उठाने की मांग दोहराई।
कर्मचारियों के अनुसार विधायक मनदीप चट्ठा ने बिजली निगम के निजीकरण की मंशा को गलत बताते हुए उनकी बात विधानसभा के मानसून सत्र में उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि इस विषय पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
इस दौरान कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपनी अन्य लंबित मांगों की ओर भी विधायक का ध्यान दिलाया। संयुक्त संघर्ष मोर्चा का कहना है कि पूर्व में हुई बातचीत के दौरान जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रोशन लाल, अमरीक सिंह, दिनेश राणा, विजय कुमार, दर्शन सिंह, प्रदीप, दीपक कुमार, राहुल सिंहमार, दिलबाग, बलिंद्र, सतीश और मनोज कुमार सहित अन्य बिजली कर्मचारी मौजूद रहे



