नकारात्मक राजनीति बनाम विकास !!
आजकल अहीरवाल की राजनीति में एक अजीब सा माहौल है जहाँ राजनीति की दो समानांतर बहती धाराओं में एक अजीब सा कोलाहल सुनाई दे रहा है । एक तरफ विकास की राजनीति का झंडा पकड़े नांगल चौधरी के पूर्व विधायक और पूर्व सिंचाई राज्यमंत्री डाक्टर अभय सिंह यादव उनके समय में प्रारंभ की गई बड़ी परियोजनाओं को परिणाम तक पहुँचने के प्रयास में हैं, तो दूसरी तरफ केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह अभय सिंह की विकास की राजनीति से कुछ इस क़दर परेशान हैं कि वह अहीरवाल की राजनीति से विकास शब्द को ही ग़ायब करने के प्रयास में लगे हुए हैं। “न करूँगा न करने दूँगा” की नीति राव की राजनीति के हमेशा केंद्र में रही है । गुरुग्राम के जल भराव ने तो राजनीति की इतनी लंबी पारी के बाद भी आज कल राव साहब को कुछ ज़्यादा ही परेशान कर रखा है।
खैर छोड़ो यह सब ! आई्एमएलएच बसीरपुर फ्रेट स्टेशन का प्लेटफार्म , लोडिंग अनलोडिंग केंद्र एवं ऑफिस बिल्डिंग जब बनकर तैयार हुए तो विभाग ने इस स्टेशन पर एक माल गाड़ी को पहुंचा कर मुख्यमंत्री से इसका विधिवत उद्घाटन करवा दिया। यह पूर्ण रूप से उद्योग विभाग का मामला था तथा स्वयं उद्योग मंत्री राव नरवीर सिंह ने अपनी हाज़िरी में मुख्यमंत्री से नारीयल तोड़कर 23 अगस्त को यह उद्घाटन करवाया है । बामुश्किल जुम्मे जुम्मे तीन दिन बाद ही रेवाड़ी से एक निजी यूट्यूब चैनल द्वारा एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें इस कार्यक्रम, मुख्यमंत्री और यहाँ तक कि पूरी योजना को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। कुछ एक बातें बिना रिकॉर्ड देखें झूठी कहीं गईं। न तो हाईकोर्ट ने किसी अधिनियम को पूर्णतः निरस्त किया है और इस स्टेशन पर आने और जाने दोनों तरफ की लाइनें डाली जा चुकी हैं, ऑफिस बिल्डिंग भी बनकर तैयार है और विभाग के अधिकारियों के अनुसार आज भी यह स्टेशन फ़्रेट हैंडलिंग के लिए तैयार है। बहुत जल्दी ही सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन इस स्टेशन पर अपना बिज़नेस भी शुरू करने जा रहा है।
रेवाड़ी से जारी इस वीडियो में डाक्टर अभय सिंह को बार-बार इंगित किया गया है। हालांकि यह सत्य है कि इस परियोजना को यहाँ लाने और उसके लिए किसानों से सीधे जमीन ख़रीदने की प्रक्रिया में डॉक्टर अभय सिंह सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और इस उपलब्धि के लिए इलाके के लोग आज भी उनकी सराहना करते हैं। किसी व्यक्ति ने कभी पूरे दस साल डाक्टर यादव की व्यक्तिगत छवि पर उँगली नहीं उठायी। परंतु उनकी इस उपलब्धि को धूमिल करने के लिए सब से पहले स्वयं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह सामने आए। उन्होंने एक निजी चैनल में दिए गए अपने इंटरव्यू में सीधे तौर पर लाजिस्टिक हब में ज़मीन ख़रीदने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जिसके केंद्र में डाक्टर यादव थे।राव साहब यहीं नहीं रुके उन्होंने उनके पास सबूत होने की बात भी कही। उसके बाद लगातार एक महीने तक इसी झूठ को सत्य बनाने के लिए अपने निजी समर्थकों से एक दर्जन से अधिक प्रेस कांफ्रेंस करवाई जिसमें डाक्टर अभय सिंह पर स्पष्ट तौर पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। फिर भी डॉक्टर यादव की भलमानसी थी कि राव साहब की वरिष्ठता का सम्मान रखते हुए उन्होंने उन पर वापिस आरोप नहीं लगाए और उनसे सार्वजनिक रूप से सबूत देने के लिए ही कहते रहे । वरना यदि डॉक्टर यादव भी उसी स्तर पर आते तो वह भी कह सकते थे कि राव साहब अहीरवाल के एकमात्र नेता हैं जो भ्रष्टाचार के मामले में केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री के एक ही कार्यकाल में दो बार सीबीआई के घेरे में आए थे। परन्तु डॉक्टर यादव ने इस से परहेज किया । उसके बाद में लगातार इस प्रोजेक्ट को किसी न किसी बहाने विवादों में उलझाना सामान्य बात हो गई।
जहाँ तक मुख्यमंत्री द्वारा इस परियोजना का उद्घाटन समय से पहले करने की बात है तो मात्र तीन दिन में ही इस निष्कर्ष पर पहुँचना कि यहाँ कुछ नहीं होने वाला उतावलापन नहीं तो क्या है? किसी बड़ी परियोजना का कोई एक हिस्सा पूरा होने पर यदि उस हिस्से का उद्घाटन कर दिया जाए तो इसमें क्या कोई अपराध है ? क्या इसमें किसी जनहित की हानि हुई है ? वास्तव में उद्योग विभाग का यह उद्घाटन इस परियोजना की मार्केटिंग योजना का एक हिस्सा है। इस परियोजना में आगे पूंजी निवेश करने वाले निवेशकों को यह एक संदेश था। सेंट्रल वेयर हाउसिंग कारपोरेशन इसके लिए आगे आई है। उन्होंने अब तक तैयार की गई इस सुविधा पर बिज़नेस करने की ऑफर भी दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अगले कुछ महीनों में ही सेंट्रल वेयरहाउसिंग कारपोरेशन इस पर अपना काम करना प्रारंभ कर देगा । अतः मुख्यमंत्री द्वारा यह उद्घाटन विभाग की उसी योजना का हिस्सा था।वैसे भी किसी की भी उपलब्धि की बेवजह आलोचना की अपेक्षा अपनी स्वयं की उपलब्धि लोगों के सामने रखी जाए तो यह एक सकारात्मक राजनीति होगी । लेकिन वास्तविक समस्या लाजिस्टिक हब नहीं है समस्या अभय सिंह यादव है जिनका नाम जाने अनजाने में विकास की राजनीति से जुड़ चुका है। यह केवल उनकी दस साल की उपलब्धियों को उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाकर ध्वस्त करने का कुत्सित प्रयास मात्र है। जिससे कम से कम सीनियर नेताओं को बचना चाहिए ।
हाँ जिस वरिष्ठ पत्रकार ने लाजिस्टिक हब पर छींटाकशी की है उनसे मेरा निवेदन है कि यदि वह महेंद्रगढ़ जिले की विकास की परियोजनाओं में वास्तव में रुचि रखते हैं तो एक बार कोरियावास महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज में आकर भी देख लें कि वहाँ क्या हो रहा है। बहुत अच्छा लगेगा यदि वह इस मेडिकल कॉलेज की वास्तविक स्थिति से पूरे अहीरवाल को परिचित करवाएं। विकास की इतनी बड़ी परियोजना को बर्बाद करने से बचाना पुण्य का काम होगा।



