Kanina News | सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का 30वां दिन : मुंडन कर जताया विरोध | रोज एक कर्मचारी कराएगा मुंडन

नगरपालिका सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर जारी हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन में प्रवेश कर गई। मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने अब विरोध का अलग तरीका अपनाया है। कर्मचारियों ने निर्णय लिया है कि मांगों का समाधान होने तक प्रतिदिन एक कर्मचारी सिर का मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना रोष दर्ज कराएगा।
शुक्रवार को आंदोलन के इसी क्रम में एक कर्मचारी ने मुंडन कराकर विरोध जताया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे आंदोलन के बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें विरोध का यह तरीका अपनाना पड़ा।

कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल के दौरान वे लगातार अपनी मांगों को सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने उठा रहे हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। अब आंदोलन को जारी रखते हुए प्रतिदिन एक कर्मचारी मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराएगा।
सफाई कर्मचारी कनीना ब्लॉक इकाई के प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा समाप्त करना और कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। इसके अलावा हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगाए गए कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे नगर की सफाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, इसलिए उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि कर्मचारियों का आंदोलन मांगों का समाधान होने तक जारी रहेगा। कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान निकालने की मांग की।
हड़ताल के 30वें दिन भी कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन जारी रखा जाएगा।
इस मौके पर सुभाष, कर्मवीर, संजय, राजेश, सुनील, रतनलाल, नवीन, सोनू, पवन, बिमला, अशोक, कुलदीप, प्रदीप, शशि बाला, योगेश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
Editor: गरिमा बागोतिया



