Yamunanagar News | 1 घंटे की बारिश ने खोली पानी निकासी की पोल : घरों में घुसा पानी | सीवरेज व्यवस्था पर उठे सवाल

हरियाणा के यमुनानगर में करीब एक घंटे हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पानी की निकासी नहीं होने के कारण कई जगहों पर बारिश का पानी लोगों के घरों में जा घुसा। जलभराव के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और घरों में रखा सामान भी खराब होने की बात सामने आई है।
बारिश के बाद यमुनानगर-जगाधरी के कई गली-मोहल्लों में सड़कें पानी से भर गईं। कई स्थानों पर लोगों को घरों से बाहर निकलने और आवाजाही में परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की बारिश के बाद ही शहर की जल निकासी व्यवस्था जवाब दे गई।
सबसे ज्यादा सवाल नगर निगम की तैयारियों को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर साल मानसून से पहले नालों और सीवरेज की सफाई करवाने तथा बारिश के पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के दावे किए जाते हैं। इस बार भी मानसून से पहले सफाई अभियान चलाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन बारिश के बाद पैदा हुई स्थिति ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालों और सीवरेज की व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही होती तो बारिश का पानी इतनी जल्दी घरों में नहीं घुसता। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से मानसून से पहले पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिसके कारण उन्हें बारिश के दौरान भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब बारिश के बाद शहर में ऐसी स्थिति बनी हो। हर मानसून में जल निकासी को लेकर दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही कई इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ जाती है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की कि नगर निगम को जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थायी समस्या का समाधान करना चाहिए। केवल बारिश से पहले नालों की सफाई कराने के बजाय पानी निकासी की पूरी व्यवस्था की जांच कर उन स्थानों पर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, जहां हर साल जलभराव की स्थिति बनती है।
फिलहाल बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने शहर की सीवरेज और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम इन समस्याओं को लेकर क्या कदम उठाता है और भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए किस तरह की तैयारी की जाती है।
Editor: शिवानी राजपूत



