Yamunanagar News | किसान की बैंकिंग समस्या को लेकर धरना : 14 लाख जमा कराने के बाद भी NOC नहीं देने का आरोप | 6 लाख और मांगने का दावा

जगाधरी के सेक्टर-17 स्थित चोला मंडलम बैंक के सामने भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने किसान की कथित बैंकिंग समस्या को लेकर धरना शुरू कर दिया है। गांव गग्नहेड़ी निवासी किसान जरनैल सिंह का आरोप है कि करीब 20 लाख रुपये का होम लोन लेने के बाद उसने लगातार 17 महीने तक करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की किस्त जमा करवाई। इसके बाद बैंक द्वारा बताई गई अतिरिक्त राशि जमा करवाने के बावजूद अब एनओसी देने से इनकार किया जा रहा है। किसान ने बैंक से पूरे मामले में न्याय की मांग की है।
किसान जरनैल सिंह के मुताबिक, उसने जनवरी 2025 में चोला मंडलम बैंक से करीब 20 लाख रुपये का होम लोन लिया था। किसान का कहना है कि लोन लेने के बाद उसने लगातार 17 महीने तक करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की किस्त बैंक में जमा करवाई।
किसान के अनुसार, इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने लोन अकाउंट बंद करने के लिए करीब 14 लाख रुपये और जमा करवाने की बात कही। किसान का दावा है कि उसने जून 2026 में बैंक में 14 लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके अलावा करीब 2 लाख रुपये इंश्योरेंस की किस्त के रूप में भी बैंक द्वारा लिए जाने की बात किसान ने कही है।

किसान का आरोप है कि 14 लाख रुपये जमा करवाने के बाद बैंक कर्मचारियों ने उसे 15 दिन में एनओसी देने का आश्वासन दिया था। लेकिन करीब तीन महीने बीत जाने के बाद भी एनओसी नहीं दी गई। किसान के मुताबिक, अब उससे कथित तौर पर 6 लाख रुपये और जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है।
इसी मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने बैंक के सामने धरना शुरू कर दिया। किसान संगठन की मांग है कि बैंक पूरे मामले की जांच करे और किसान को एनओसी दी जाए।
धरने के दौरान जिला प्रधान संजू गुंदियाना, अंबाला जिला प्रधान मलकीत सिंह, डायरेक्टर मंदीप रोड छप्पर, सुखविंदर, बलजिंदर, पप्पल गुंदियाना और रविंद्र खुब्बड़ सहित किसान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

BKU के जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि बैंक के कहने पर किसान ने 14 लाख रुपये जमा करवा दिए थे और इसके बाद एनओसी देने की बात कही गई थी। अब करीब तीन महीने बाद छह लाख रुपये और मांगे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बैंक पूरे मामले की जांच करे और किसान को एनओसी दी जाए।
फिलहाल किसान संगठन की ओर से बैंक के सामने धरना जारी है और संगठन ने मामले के समाधान की मांग की है।
Editor: शिवानी राजपूत



