Yamunanagar News | गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में संस्कृत महोत्सव : छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में लिया भाग | भारतीय ज्ञान परंपरा से कराया परिचित

गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में संस्कृत साहित्य परिषद की ओर से संस्कृत महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में संस्कृत भाषा और साहित्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को संस्कृत साहित्य, वैदिक धरोहर और भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज महासचिव मनोरंजन सिंह साहनी, निदेशिका डॉ. वरिंदर गांधी और प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर के नेतृत्व में किया गया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से संस्कृत भाषा और साहित्य के महत्व पर जोर देते हुए छात्राओं को इससे जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया।
संस्कृत महोत्सव के दौरान छात्राओं के लिए साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। छात्राओं को संस्कृत के प्रसिद्ध नाटक ‘उत्तररामचरितम्’ और आयुर्वेद के महत्वपूर्ण ग्रंथ ‘चरक संहिता’ से संबंधित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके माध्यम से छात्राओं को इन ग्रंथों की साहित्यिक और ज्ञानपरक परंपरा से परिचित कराया गया।
महोत्सव के तहत श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्राओं ने संस्कृत श्लोकों का उच्चारण करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य संस्कृत के शुद्ध उच्चारण के प्रति छात्राओं की रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें भाषा के व्यावहारिक स्वरूप से जोड़ना रहा।
इसके अलावा संस्कृत व्याकरण से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को संस्कृत भाषा की व्याकरणिक संरचना और उसके अध्ययन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। छात्राओं को संस्कृत को केवल पाठ्यक्रम के विषय के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा के रूप में समझने के लिए प्रेरित किया गया।
कॉलेज के अनुसार संस्कृत महोत्सव आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करना था। इसके साथ ही नई पीढ़ी को वैदिक धरोहर और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना भी आयोजन का उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम में डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन, श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता और व्याकरण कार्यशाला जैसी अलग-अलग गतिविधियों को शामिल कर छात्राओं को संस्कृत से जुड़ने का अवसर दिया गया। छात्राओं ने भी इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हुए संस्कृत भाषा और साहित्य के प्रति अपनी रुचि दिखाई।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक और साहित्यिक आयोजनों से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से अलग विषयों को समझने और भारतीय साहित्यिक विरासत के बारे में जानने का अवसर मिलता है। संस्कृत महोत्सव के माध्यम से भी छात्राओं को भाषा, साहित्य और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमिता रेढू और डॉ. अनुभा जैन ने किया। कार्यक्रम के समापन पर संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन को आगे बढ़ाने तथा छात्राओं को इस तरह की गतिविधियों में लगातार भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
Editor: शिवानी राजपूत



