Yamunanagar News | डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स में हिंदी दिवस : छात्राओं ने काव्य पाठ और सृजनात्मक लेखन में लिया भाग | विजेताओं को किया सम्मानित

डीएवी कॉलेज फॉर गर्ल्स, यमुनानगर के हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस के अवसर पर सृजनात्मक लेखन एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर ने की। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्राचार्या डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि भाषा भावों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। हिंदी जन-जन की भाषा है और यह देशवासियों को आपस में जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि हिंदी विविधता में एकता का सूत्र है और हमारी संस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है। भाषा के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को सहजता से दूसरों तक पहुंचा सकता है।

हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. किरण शर्मा ने कहा कि भाषा कोई भी हो, उसका सही ज्ञान और पहचान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदी पढ़ने, लिखने और सीखने में आसान है। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत करने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने का अवसर मिलता है।
प्रतियोगिता में पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. गुरशरन कौर, अंग्रेजी विभाग से श्रीमती अनु और संस्कृत विभागाध्यक्ष श्रीमती शालिनी ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता कौशिक और डॉ. दीपिका घई भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। मंच संचालन छात्रा मरियम मलिक ने किया।
काव्य पाठ प्रतियोगिता में बीएससी प्रथम वर्ष की खुशी ने प्रथम स्थान हासिल किया। एम.कॉम द्वितीय वर्ष की मरियम मलिक दूसरे और बीए द्वितीय वर्ष की इंदू तीसरे स्थान पर रहीं। बीए द्वितीय वर्ष मनोविज्ञान ऑनर्स की महक और बीकॉम प्रथम वर्ष की शगुन को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

सृजनात्मक लेखन व्यवसायिक रिपोर्ट लेखन प्रतियोगिता में बीएससी द्वितीय वर्ष की पलक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीए द्वितीय वर्ष की इंदू ने दूसरा और महक ने तीसरा स्थान हासिल किया। बीए द्वितीय वर्ष की स्नेहा और मुस्कान को सांत्वना पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को हिंदी भाषा के महत्व, अभिव्यक्ति और रचनात्मक लेखन से जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
Editor: शिवानी राजपूत



