Faridabad News | शेयर मार्केट निवेश के नाम पर 6.76 लाख की ठगी : रिटायर्ड आर्मी कर्मचारी बना शिकार | दिल्ली से खाताधारक गिरफ्तार

शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर आर्मी से रिटायर्ड कर्मचारी से 6 लाख 76 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 27 वर्षीय सचिन निवासी मंगोलपुरी राजपार्क, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को 23 अगस्त को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आदर्श नगर निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता आर्मी से रिटायर्ड कर्मचारी है। उसने बताया कि 7 जुलाई 2026 को फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। इसके बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया।
आरोप है कि व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 6 लाख 76 हजार रुपये निवेश करवा लिए गए। रकम जमा करने के बाद शिकायतकर्ता को कोई पैसा वापस नहीं मिला।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच करते हुए आरोपी सचिन की पहचान की और उसे दिल्ली स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सचिन रेहड़ी लगाने का काम करता है और उसके नाम पर डीजी मोर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट नाम से एक फर्म बनाई गई है। पुलिस के मुताबिक इस फर्म के नाम पर एक चालू बैंक खाता भी खुलवाया गया था, जिसमें ठगी की रकम में से 5 लाख 33 हजार रुपये आए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी 9वीं पास है। जिस बैंक खाते में ठगी की रकम आने की बात सामने आई है, उस खाते को लेकर गोवा और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में छह साइबर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से बैंक खाते के इस्तेमाल, ठगी की रकम और मामले में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ करेगी।
फिलहाल साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम मामले की जांच कर रही है और शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर हुई ठगी से जुड़े अन्य लोगों तथा बैंकिंग लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।



