Faridabad News | डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹2.13 करोड़ की ठगी : दो आरोपी गिरफ्तार | एक को 5 दिन के रिमांड पर भेजा

फरीदाबाद। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक परिवार से 2 करोड़ 13 लाख 16 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय गौतम और 25 वर्षीय मोहित निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। दोनों को जीरकपुर से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने गौतम को जेल भेज दिया, जबकि मोहित को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी गौतम के बैंक खाते में ठगी की रकम में से 65 हजार रुपये आए थे। आरोप है कि गौतम ने अपने खाते का इस्तेमाल मोहित को करने दिया और इसके बाद यह खाता साइबर ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचा। पुलिस अब मामले में रकम के लेनदेन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार गौतम 11वीं पास है और ड्राइविंग का काम करता है, जबकि मोहित बीकॉम पास है और एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। गौतम को जेल भेज दिया गया, जबकि मोहित से मामले में आगे पूछताछ के लिए पांच दिन का पुलिस रिमांड मिला है।
मामले की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को हुई थी। शिकायत के मुताबिक पीड़ित की पत्नी के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया और आधार कार्ड से जुड़े कथित बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग होने की बात कहकर परिवार को डराया।
आरोप है कि इसके बाद कॉल को कथित तौर पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के पास ट्रांसफर करने का नाटक किया गया। ठगों ने खुद को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर पति-पत्नी पर दबाव बनाया और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पीड़ित परिवार को लगातार संपर्क में रखकर किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत नहीं करने के लिए भी कहा गया।
शिकायत के अनुसार पीड़ित को ईडी और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजे गए। इन दस्तावेजों के जरिए बैंक खातों में जमा रकम की कथित जांच और सत्यापन का झांसा दिया गया। ठगों ने रकम बाद में वापस मिलने का भरोसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने के लिए कहा।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के डर से पीड़ित ने जनवरी के दौरान अलग-अलग बैंक लेनदेन के माध्यम से कुल 2 करोड़ 13 लाख 16 हजार रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में रकम वापस नहीं मिली और संपर्क के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नंबर बंद मिले तो पीड़ित को ठगी का पता चला।
इसके बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दी गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक खातों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी की जांच के दौरान गौतम और मोहित की भूमिका सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों को ऐसे मामलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस, सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग या न्यायालय वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करके जांच के नाम पर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहते।
पुलिस ने कहा कि सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाने और पैसे मांगने वाली कॉल आने पर कोई रकम ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर जल्द से जल्द राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Editor: नितिन यादव



