Faridabad News | साइबर सेल ने खोजे 38 गुमशुदा मोबाइल : 11 लाख से ज्यादा कीमत | असली मालिकों को लौटाए फोन

फरीदाबाद पुलिस की एनआईटी जोन साइबर सेल ने तकनीकी संसाधनों की मदद से 38 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटाए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत 11 लाख रुपये से अधिक है। डीसीपी एनआईटी उत्तम ने अपने कार्यालय में मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एनआईटी जोन की साइबर सेल लगातार गुमशुदा मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों पर तकनीकी स्तर पर काम कर रही है। इसी क्रम में केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का विश्लेषण किया गया।
साइबर सेल ने शिकायतों में उपलब्ध मोबाइल फोन के IMEI नंबर सहित अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर गुमशुदा फोन का पता लगाने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक डिजिटल ट्रैकिंग, नेटवर्क से संबंधित तकनीकी जानकारी और उपलब्ध आधुनिक संसाधनों की सहायता से अलग-अलग मोबाइल फोन की पहचान की गई।
जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फोन की लोकेशन और उनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद साइबर सेल ने आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से कुल 38 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 11 लाख रुपये से अधिक है। सभी फोन से संबंधित शिकायतों और रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की गई।
इसके बाद डीसीपी एनआईटी उत्तम ने अपने कार्यालय में मोबाइल फोन उनके मालिकों को विधिवत सुपुर्द किए। पुलिस के मुताबिक इनमें कई लोग ऐसे थे, जिन्हें लंबे समय से गुम हुए अपने मोबाइल फोन के वापस मिलने की उम्मीद कम हो गई थी। फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने साइबर सेल की कार्रवाई की सराहना की।
डीसीपी एनआईटी उत्तम ने कहा कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से मोबाइल फोन को ट्रैक और ब्लॉक करने के साथ उसके संभावित दुरुपयोग को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
उन्होंने नागरिकों से मोबाइल फोन गुम होने पर CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक पुलिस प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। मोबाइल फोन का IMEI नंबर सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण बताया गया है, क्योंकि फोन की पहचान और तकनीकी जांच में यह उपयोगी होता है।
पुलिस ने लोगों से मोबाइल में मजबूत पासकोड अथवा स्क्रीन लॉक रखने की भी अपील की है। यदि गुम हुए फोन में बैंकिंग या दूसरी संवेदनशील जानकारी मौजूद है तो संबंधित सेवाओं और खातों की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
पुलिस का कहना है कि स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उनमें व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग एप्लिकेशन और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा भी मौजूद रहता है। ऐसे में फोन गुम होने पर केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद जानकारी के संभावित दुरुपयोग का खतरा भी हो सकता है।
फरीदाबाद पुलिस ने कहा कि नागरिकों की डिजिटल और व्यक्तिगत संपत्ति की सुरक्षा के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल लगातार किया जा रहा है। गुमशुदा मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों पर भी साइबर सेल इसी तरह कार्रवाई जारी रखेगी।



