Satnali News | सनातन संस्कृति और राष्ट्रभावना मजबूत करने पर जोर : VHP स्थापना दिवस पर कार्यक्रम | सामाजिक एकता पर मंथन

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रभावना को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति, परंपराओं और पूर्वजों से मिले संस्कारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रांत मंत्री यशवंत शेखावत ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुई थी। उन्होंने कहा कि संगठन की स्थापना का उद्देश्य दुनिया भर के हिंदुओं को एक मंच पर संगठित करना था। समाज को संगठित और संस्कारवान बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

प्रांत संगठन मंत्री राधेश्याम ने कहा कि ग्राम स्तर पर सप्ताह में एक दिन सत्संग के रूप में एकत्रित होकर सनातन धर्म और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर चिंतन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित सत्संग के माध्यम से समाज में संस्कार, आपसी भाईचारे और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवेंद्र यादव ने कहा कि पूर्वजों से मिले संस्कारों और जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाकर एक सभ्य एवं संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता बनाए रखने और संस्कृति एवं संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की बात कही।
इस अवसर पर प्रवीण अग्रवाल जिला सहमंत्री, संदीप शर्मा, डॉ. अनिल शेखावत, जिला पार्षद योगी वचनाईनाथ, आलोक अग्रवाल, सावंत सिंह, मांगेराम जांगिड़, अजय शेखावत, प्रमोद कुमार, सोमबीर और हरी सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Editor: शिवानी राजपूत



