Narnaul News | पटीकरा में सूखे कुओं से हादसे का खतरा : कसावती नदी में सीवर के पानी का आरोप | ग्रामीणों ने DC को सौंपा ज्ञापन

नारनौल। गांव पटीकरा के ग्रामीणों ने सूखे कुओं और कसावती (कृष्णावती) नदी में कथित तौर पर छोड़े जा रहे सीवर के पानी की समस्या को लेकर समाधान शिविर में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पुराने सूखे कुओं को भरवाने या सुरक्षित तरीके से ढकवाने के साथ नदी में बिना उपचारित सीवर का पानी छोड़े जाने पर रोक लगाने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार कसावती नदी के किनारे अविभाजित पंजाब के समय बनाए गए कई कुएं भूजल स्तर नीचे जाने के बाद सूख चुके हैं। उनका आरोप है कि देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण खुले कुएं लोगों और पशुओं के लिए खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों ने दावा किया कि पूर्व में इन कुओं में गिरने से इंसानों और मवेशियों की जान भी जा चुकी है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक संख्या ज्ञापन में स्पष्ट नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से इन सभी कुओं का सर्वे करवाकर उन्हें भरवाने या मजबूत ढक्कन लगाकर सुरक्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे भविष्य में होने वाले हादसों को रोका जा सकता है।
ग्रामीणों ने दूसरी बड़ी समस्या कसावती नदी में जमा गंदे पानी को बताया। उनका आरोप है कि नारनौल शहर के एक हिस्से और गांव का सीवर का पानी बिना उपचार के नदी में छोड़ा जा रहा है। रेलवे पुल से श्मशान घाट तक गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बनी हुई है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि लगातार गंदा पानी जमा रहने से भूजल और आसपास की कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने नदी के प्राकृतिक रास्ते में बाधा आने और लोगों व पशुओं की आवाजाही प्रभावित होने की शिकायत भी प्रशासन के सामने रखी। ग्रामीणों ने इस पूरे क्षेत्र का निष्पक्ष सर्वे करवाकर सीवर के पानी की निकासी और उपचार की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
समाधान शिविर में पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक प्यारेलाल चवन, पूर्व हेड मास्टर सतीश तंवर, नंबरदार जोरावर सिंह, वार्ड-6 के पार्षद योगेश कुमार, वार्ड-7 की पार्षद रितु प्रसाद, अंबेडकर युवा मंडल प्रधान करण सिंह और उपाध्यक्ष सुजान सिंह सहित ग्रामीणों ने समस्या उठाई।
संघर्ष समिति के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था के वाइस चेयरमैन बिरदी चंद गोठवाल ने कहा कि यह समस्या केवल पटीकरा तक सीमित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से सर्वे करवाकर वास्तविक स्थिति का पता लगाने और स्थायी समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक उपायुक्त ने समाधान शिविर में उनकी शिकायत सुनी और समस्या के उचित निवारण का आश्वासन दिया। अब ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से सूखे कुओं की सुरक्षा और कसावती नदी में गंदे पानी की समस्या पर कार्रवाई का इंतजार है।
Editor: नितिन यादव



