Narnaul News | ‘वर्क फ्रॉम होम’ का झांसा देकर 7.13 लाख की साइबर ठगी : जोधपुर से दो और आरोपी गिरफ्तार | टेलीग्राम टास्क के जरिए बनाया जाल

वर्क फ्रॉम होम और टेलीग्राम टास्क के नाम पर 7 लाख 13 हजार 524 रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना नारनौल पुलिस ने जोधपुर, राजस्थान से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल निवासी एकता नगर, थाना बनाड़, जोधपुर और बीरेंद्र निवासी बीजेएस कॉलोनी, थाना महामंदिर, जोधपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता से हुई कुल 7,13,524 रुपये की साइबर ठगी में से एक लाख रुपये आरोपी अनिल के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। वहीं आरोपी बीरेंद्र की भूमिका उक्त बैंक खाता खुलवाकर उसे आगे साइबर ठगी करने वाले गिरोह को उपलब्ध कराने की सामने आई है।

पुलिस के अनुसार साइबर थाना नारनौल की टीम आरोपियों की भूमिका, बैंकिंग लेन-देन और ठगी की रकम के आगे हुए ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले में इससे पहले विक्रम निवासी मानपुरा, जोधपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, बैंक खातों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत जुलाई 2024 में हुई थी। शिकायतकर्ता आनंद निवासी बरसना, चरखी दादरी के व्हाट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से वर्क फ्रॉम होम के जरिए कमाई करने का संदेश आया था। शिकायतकर्ता द्वारा रुचि दिखाने के बाद उसे शुरुआत में करीब एक हजार रुपये निवेश कर ऑनलाइन टास्क पूरा करने के लिए कहा गया।
पुलिस के मुताबिक टास्क पूरा करने के बाद शिकायतकर्ता को करीब 1,300 रुपये वापस दिए गए, जिससे उसका विश्वास हासिल किया गया। इसके बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। पुलिस की जांच में इसी तरीके से आगे रकम निवेश करवाकर साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस मामले में ठगी के पूरे तरीके, बैंक खातों की कड़ियों और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साइबर थाना नारनौल की कार्रवाई आगे भी जारी है
Editor: गरिमा बागोतिया



