Narnaul News | स्टाइपेंड पर धरना तेज : परिजनों को नोटिस | प्रिंसिपल ऑफिस पहुंचे छात्र | क्लास लौटने की अपील
बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, पटीकरा में प्रशिक्षण भत्ता (स्टाइपेंड) बढ़ाने की मांग को लेकर विद्यार्थियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। विद्यार्थियों की मांग है कि प्रशिक्षण अवधि में मिलने वाले 10 हजार रुपये प्रतिमाह के भत्ते को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए। शनिवार को कॉलेज प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के अभिभावकों को नोटिस भेजे जाने के बाद मामला और गरमा गया। नाराज विद्यार्थी प्रदर्शन करते हुए प्रिंसिपल कार्यालय तक पहुंचे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों का कहना है कि वे पिछले दो दिनों से अपनी मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग प्रशिक्षण भत्ते में बढ़ोतरी की है और इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को मांग पत्र भी सौंपा जा चुका है। विद्यार्थियों का आरोप है कि उनकी मांग का समाधान करने के बजाय अब उनके अभिभावकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने इसे उन पर दबाव बनाने और आंदोलन से पीछे हटाने का प्रयास बताया। विद्यार्थियों का कहना है कि वे इस तरह के दबाव से पीछे नहीं हटेंगे और मांग पूरी होने या ठोस लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

कॉलेज प्रशासन की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में BAMS बैच 2022-23, 2024-25 और 2025-26 के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को संबोधित किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित बैचों के विद्यार्थी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन के कारण नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। प्रशासन ने नोटिस में यह भी कहा है कि विद्यार्थियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन इसके कारण नियमित शैक्षणिक गतिविधियों, कक्षाओं और कॉलेज की सामान्य व्यवस्था को प्रभावित करना स्वीकार्य नहीं है।
नोटिस में कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि कुछ विद्यार्थियों के नियमित कक्षाओं से अनुपस्थित रहने के साथ महाविद्यालय में व्यवस्था और अनुशासन की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और पाठ्यक्रम पूरा होने की प्रक्रिया के साथ अस्पताल के कार्य पर भी असर पड़ रहा है। प्रशासन ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से कॉलेज भेजने और कक्षाओं में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने की अपील की है।

प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया है कि मांग के समर्थन में विरोध या प्रदर्शन करते समय कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई विद्यार्थी जानबूझकर कक्षाओं से अनुपस्थित रहता है अथवा कॉलेज की व्यवस्था और अनुशासन को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ महाविद्यालय के नियमानुसार आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
नोटिस में उपस्थिति को लेकर भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को आगाह किया गया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति निर्धारित मानदंड के अनुसार पूरी नहीं होती है तो नियमों के तहत उसे आगामी या अंतिम विश्वविद्यालय परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी और उसके अभिभावक स्वयं जिम्मेदार होंगे। कॉलेज ने अभिभावकों से मामले की गंभीरता को समझते हुए विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

अभिभावकों तक यह नोटिस पहुंचने के बाद धरने पर बैठे विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ गई। विद्यार्थी धरनास्थल से प्रदर्शन करते हुए प्रिंसिपल कार्यालय तक पहुंचे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विद्यार्थियों का आरोप है कि वे अपनी जायज मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, जबकि प्रशासन उनके अभिभावकों को नोटिस भेजकर उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
विद्यार्थियों के मुताबिक वर्तमान में उन्हें प्रशिक्षण अवधि के दौरान 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता दिया जा रहा है। उनकी मांग इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की है। विद्यार्थी पहले ही इस संबंध में मांग पत्र सौंप चुके हैं और अब लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशिक्षण भत्ते को लेकर उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा।

वहीं कॉलेज प्रिंसिपल श्रीनिवास ने विद्यार्थियों के आरोपों और धरने के बीच प्रशासन का पक्ष रखते हुए बताया कि विद्यार्थियों की ओर से प्रशिक्षण भत्ता बढ़ाने को लेकर दिया गया मांग पत्र संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मांग पत्र आगे भेजे जाने के बावजूद विद्यार्थी नियमित कक्षाओं में नहीं जा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन लगातार उनसे धरना समाप्त कर कक्षाएं अटेंड करने की अपील कर रहा है।
प्रिंसिपल श्रीनिवास ने कहा कि विद्यार्थियों की मांग संबंधित विभाग तक पहुंचा दी गई है और अब इस पर आगे का निर्णय संबंधित स्तर पर होना है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई प्रभावित नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित कक्षाओं में वापस लौटने और शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अपील की है।

फिलहाल एक तरफ विद्यार्थी 10 हजार रुपये के प्रशिक्षण भत्ते को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन मांग पत्र संबंधित विभाग को भेजे जाने की बात कहते हुए विद्यार्थियों से धरना समाप्त कर कक्षाओं में लौटने की अपील कर रहा है। अभिभावकों को नोटिस भेजे जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला और गरमा गया है।
Editor: शिवानी राजपूत



