Kurukshetra News | मीरी-पीरी चौक पर गूंजे बंदी सिखों की रिहाई के नारे : सजा पूरी कर चुके बंदियों को रिहा करने की मांग | संगत ने दिया धरना

बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर रविवार को सिख संगत ने कुरुक्षेत्र के मीरी-पीरी चौक पर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों को रिहा करने की मांग सरकार के सामने रखी।
सिख संगत का कहना है कि देश की अलग-अलग जेलों में कई ऐसे बंदी सिख हैं, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिहाई नहीं हुई है। संगत ने सरकार से इस मामले में जल्द उचित कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में इस धरना प्रदर्शन की शुरुआत 11 सितंबर से की गई थी। रविवार को भी संगत ने मीरी-पीरी चौक पर एकत्र होकर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान “बंदी सिखों को रिहा करो” और “कानून और भारतीय संविधान की पालना करो” जैसे नारे लगाए गए।
संगत ने आरोप लगाया कि आजाद भारत में भी सिखों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की आजादी में सिख समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और अनेक कुर्बानियां दीं, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों और न्याय की मांग के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई सिख समाज की प्रमुख मांगों में शामिल है। उनका कहना है कि जिन बंदियों की सजा पूरी हो चुकी है, उनके मामलों में कानून और संविधान के अनुसार समान व्यवहार किया जाना चाहिए। संगत ने सरकार से इस मामले में जल्द समाधान निकालते हुए सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग की।
Editor: गरिमा बागोतिया



