Fatehabad News | ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा : दो आरोपी गिरफ्तार | 31 मोबाइल-3 लैपटॉप बरामद

ऑनलाइन गेमिंग और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ज्यादा मुनाफे का लालच देकर कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम ने कार्रवाई की है। पुलिस ने भट्टू कलां में एक कार्यालय पर छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 31 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप सहित बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब बरामद उपकरणों की तकनीकी जांच कर बैंक खातों, क्यूआर कोड और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिरसा के गांव गंजा रुपाणा निवासी रजनीश और डिंग निवासी पुनीत कुमार के रूप में हुई है। सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि भट्टू कलां में देवीलाल पार्क के पास स्थित एक कार्यालय से ऑनलाइन गेमिंग और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संदिग्ध तरीके से पैसों का लेन-देन किया जा रहा है।

सूचना के आधार पर सीआईए पुलिस की टीम ने संबंधित कार्यालय पर छापा मारा। पुलिस का कहना है कि कार्यालय के एक कमरे में दो व्यक्ति लैपटॉप और मोबाइल फोन के माध्यम से ZYNTRA APP पर ऑनलाइन लेन-देन करते मिले। इसके बाद पुलिस ने दोनों को काबू कर वहां मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य सामान की जांच की।
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को अधिक रिटर्न का लालच देते थे। आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। इस पूरे लेन-देन में इस्तेमाल खातों और अन्य माध्यमों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों के काम में विभिन्न बैंक खातों को ऑनलाइन माध्यमों से जोड़ना, क्यूआर कोड तैयार करना और प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करना शामिल था। हालांकि पूरे नेटवर्क में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और कितनी रकम का लेन-देन हुआ, इसका पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कार्यालय से 31 मोबाइल फोन और तीन लैपटॉप बरामद किए। इसके अलावा नौ मोबाइल चार्जर, तीन आरसी और एक एसबीआई एटीएम कार्ड भी कब्जे में लिया गया है। इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद आरोपियों से ऑनलाइन कारोबार से संबंधित दस्तावेज और लाइसेंस दिखाने के लिए कहा गया था, लेकिन वे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की तकनीकी जांच को मामले की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस इन उपकरणों में मौजूद ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड, बैंक खातों और क्यूआर कोड से जुड़े विवरण की जांच कर रही है।

जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित नेटवर्क से कितने बैंक खाते जुड़े हुए थे और उनमें कितनी राशि का लेन-देन हुआ। साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि जिन बैंक खातों और क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया गया, वे किन लोगों के नाम पर हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है।
पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। तकनीकी जांच और बैंकिंग लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मामले में थाना साइबर क्राइम फतेहाबाद में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ऑनलाइन लेन-देन और कथित साइबर ठगी के नेटवर्क से संबंधित अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।
डीएसपी संजय बिश्नोई ने कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस साइबर अपराध से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है। इस मामले में भी बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जाएगा।



