Karnal News | विधायक की माफी के बाद रोड समाज में सोशल मीडिया पर बहस : प्रधान बलकार सिंह पर उठाए सवाल | फैसले को लेकर वायरल हुईं पोस्ट | बोले- 99% लोग संतुष्ट

करनाल। बीरू वाल्मीकि हत्याकांड से जुड़े हर्ष एनकाउंटर मामले में भाजपा विधायक जगमोहन आनंद की ओर से रोड समाज से माफी मांगने के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। वायरल पोस्टों में रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह सहित बैठक में शामिल कुछ नेताओं और समाज के प्रतिनिधियों के फैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल पोस्ट में रोड महासभा प्रधान बलकार सिंह, पुंडरी विधायक सतपाल जांबा, विधानसभा अध्यक्ष एवं घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण, भाजपा नेता वेदपाल और धर्मवीर मिर्जापुर के नाम का जिक्र करते हुए कई सवाल किए गए हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि हर्ष की मौत को लेकर पहले जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे थे, विधायक की माफी के बाद उस रुख में बदलाव क्यों आया।

सोशल मीडिया पोस्ट में समाज के प्रतिनिधियों पर सरकार या विधायक के साथ किसी तरह का समझौता करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों के समर्थन में पोस्ट में कोई प्रमाण सामने नहीं रखा गया है। साथ ही सवाल किया गया कि यदि कुछ पदाधिकारियों को ही फैसला करना था तो पहले पूरे समाज को आंदोलन में शामिल क्यों किया गया।

एक अन्य सोशल मीडिया पेज पर विधायक की माफी को पर्याप्त नहीं बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। पोस्ट में विधायक जगमोहन आनंद के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। ये सभी बातें सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे और आरोप हैं।

दरअसल रविवार को करनाल के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, विधायक जगमोहन आनंद और अन्य नेताओं की रोड समाज के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में विधायक जगमोहन आनंद ने कहा था कि यदि उनकी भाषा, किसी बात या व्यवहार से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने 36 बिरादरी का भाईचारा बनाए रखने को अपनी जिम्मेदारी बताया था।

बैठक के बाद रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने विधायक के रुख की सराहना की थी। इसी के बाद सोशल मीडिया पर फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

मामले की पृष्ठभूमि में 5 अगस्त को बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना है। पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में हर्ष और बीरबल आरोपी थे। अगले दिन बीरू के परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस कार्रवाई में हर्ष और बीरबल की मौत हो गई थी। इस कार्रवाई को लेकर हर्ष के परिजन लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

रोड महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना पर कहा कि कुछ लोग जानबूझकर ट्रोल कर रहे हैं। उनके मुताबिक समाज की पहली मांग पूरी हुई है और बाकी मांगों के भी सरकार द्वारा जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद है।
बलकार सिंह ने दावा किया कि 99 प्रतिशत लोग हुए फैसले से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा बनाए रखना चाहिए और सोशल मीडिया पर ऐसी बातें करने से आपसी नफरत बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों से सामाजिक भाईचारा बनाए रखने की अपील की।



