Rewari News | डॉ. आशा ने दो महाद्वीपों की चोटियां फतह कीं : एल्ब्रुस के बाद किलिमंजारो पर तिरंगा

संकल्प और साहस की मिसाल पेश करते हुए रेवाड़ी की 48 वर्षीय डॉ. आशा ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस और अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यात्रा और लॉजिस्टिक्स के समय को मिलाकर उन्होंने आठ दिनों के भीतर दोनों चोटियों का अभियान पूरा किया, जबकि प्रभावी अभियान अवधि करीब छह दिन रही।
रेवाड़ी पुलिस लाइन में रहने वाली डॉ. आशा ने 21 अगस्त की सुबह यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। शिखर पर पहुंचकर उन्होंने भारतीय तिरंगा फहराया। इसके साथ ही उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया।

माउंट एल्ब्रुस अभियान पूरा करने के बाद डॉ. आशा तंजानिया के लिए रवाना हुईं और माउंट किलिमंजारो अभियान शुरू किया। 29 अगस्त की सुबह उन्होंने किलिमंजारो के सर्वोच्च बिंदु उहुरू पीक पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। कम समय के अंतराल में दो अलग-अलग महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर पहुंचना उनके पर्वतारोहण सफर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया।

डॉ. आशा पिछले 27 वर्षों से राजस्थान सरकार में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं। पूर्णकालिक सरकारी सेवा के साथ वह लंबे समय से पर्वतारोहण और खेल गतिविधियों से भी जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी सफल चढ़ाई की थी।
पर्वतारोहण के अलावा डॉ. आशा एयर पिस्टल शूटिंग में भी हिस्सा लेती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2025 में मास्टर्स महिला वर्ग की विभिन्न स्पर्धाओं में चार स्वर्ण और तीन कांस्य पदक हासिल किए थे।

डॉ. आशा के पति अजय सिंह हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी बेटी डॉक्टर और बेटा इंजीनियर है। सरकारी सेवा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पर्वतारोहण में लगातार उपलब्धियां हासिल कर डॉ. आशा ने महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया है।
Editor: शिवानी राजपूत



