Nuh News | नूंह को 175 करोड़ से ज्यादा की सौगात : 100 बेड अस्पताल की रखी नींव | स्वास्थ्य की 11 परियोजनाएं शामिल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को नूंह की नई अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान जिले को 175 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की करीब 163 करोड़ रुपये की 11 परियोजनाओं और मेवात विकास अभिकरण की 11.18 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना नूंह में बनने वाला 100 बेड का जिला सामान्य अस्पताल है। करीब 155.49 करोड़ रुपये की लागत से पुराने सीएचसी नूंह परिसर में इसका निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की आधारशिला रखी। नया अस्पताल बनने के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग की अन्य परियोजनाओं में पुनहाना सीएचसी में करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार बीपीएचयू भवन और मांडीखेड़ा में करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से बने टीबी कार्यालय का मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। इन सुविधाओं को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा अडबर, छारोड़ा, कंकरखेड़ी, नई, सिरौली और इंडरी में उप स्वास्थ्य केंद्रों का शिलान्यास किया गया। पढ़ेनी और पिनगवां में बीपीएचयू भवनों की भी आधारशिला रखी गई। सरकार का उद्देश्य इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मेवात विकास अभिकरण के तहत भी जिले में कई परियोजनाओं की शुरुआत की गई। नूंह में करीब 2.45 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक पार्क विकसित किया जाएगा। पिनगवां में करीब 1.80 करोड़ रुपये की लागत से खेल स्टेडियम का नवीनीकरण कराया जाएगा। इससे क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा और बाल विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया। इसके तहत 100 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र, 33 स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय, हथीन में पुस्तकालय, 14 स्कूलों में सोलर प्लांट और 10 स्कूलों में खेल मैदान तैयार करने जैसी परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इसके अलावा शाहपुर-नांगली और कामेड़ा स्टेडियम से जुड़ी परियोजनाओं, 16 स्कूलों में खेल मैदान तथा मुख्यमंत्री मेवात गरीब मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति वितरण सहित तीन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन योजनाओं के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा तथा खेल के क्षेत्र में अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिनगवां क्षेत्र के गांव लाहबास में करीब 86.17 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अल्वी भवन का भी शिलान्यास किया। इस परियोजना की मांग क्षेत्र में लंबे समय से उठाई जा रही थी।
नई अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री नवनियुक्त प्राथमिक अध्यापकों के राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस दौरान नवनियुक्त शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका और जिम्मेदारी से संबंधित जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने मेवात विकास बोर्ड के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की।
कार्यक्रम में पुनहाना विधायक मोहम्मद इलियास ने मंच से मुख्यमंत्री की ओर से घोषित विकास परियोजनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मेवात ने पूर्व में कांग्रेस और इनेलो की सरकारों का दौर भी देखा है और अब क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कर वर्तमान सरकार ने मेवात को सम्मान देने का काम किया है।
इस दौरान गुरुग्राम लोकसभा सांसद राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा रही। कार्यक्रम के लिए उन्हें निमंत्रण दिए जाने की बात कही गई, हालांकि वे कार्यक्रम में नजर नहीं आए। उनकी अनुपस्थिति के कारण को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए नूंह और मेवात क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की बात कही। स्वास्थ्य क्षेत्र में 100 बेड के जिला अस्पताल को कार्यक्रम की प्रमुख परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया।
एक साथ स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल, पार्क, स्टेडियम, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूलों में खेल मैदान, सोलर प्लांट और अन्य परियोजनाओं की शुरुआत से जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। संबंधित परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इनका लाभ जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिलने की उम्मीद है।



