Jhunjhunu News | सिंघानिया विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम : युवाओं को नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव बताए | गलत संगत से दूर रहने की अपील

सिंघानिया विश्वविद्यालय में जिला पर्यावरण समिति, राजस्थान और राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के सहयोग से युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने नशे की बढ़ती समस्या और युवाओं के इसके जाल में फंसने को लेकर चिंता व्यक्त की।
सिंघानिया विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज गर्ग ने कहा कि नशा वर्तमान समय की गंभीर समस्याओं में से एक है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के माध्यम से नशे से मुक्ति की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को समूह के दबाव में आकर नशे की ओर आकर्षित न होने की भी सलाह दी।

झुंझुनूं के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटे लाल ने कहा कि युवा पीढ़ी में नशे की प्रवृत्ति बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने शराब और सिगरेट सहित विभिन्न नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे का असर व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ उसके सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है।
डॉ. छोटे लाल ने कोविड काल से जुड़ा एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस दौरान उनकी डीसी सिंघानिया से मुलाकात हुई थी और उन्होंने मरीजों के लिए 20 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता की थी। उन्होंने राजस्थान में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य ओपी यादव ने कहा कि गलत संगत के कारण बच्चे और युवा नशे की आदत की ओर बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक बार आदत पड़ने के बाद व्यक्ति नशे पर निर्भर हो सकता है और धीरे-धीरे दिशाहीन होने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने नशे के खिलाफ परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की सामूहिक भूमिका पर जोर दिया।
एफएम चैनल के मालिक राजेश अग्रवाल ने कहा कि नशे की मानसिक निर्भरता व्यक्ति को इसकी ओर बार-बार ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशा शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करने के साथ सामाजिक ताने-बाने पर भी असर डालता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।
सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल चौधरी ने नशे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ गंभीरता से प्रयास करने और अपने आसपास के लोगों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान राहुल पंवार ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। नर्मदा देवी सिंघानिया इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों को दर्शाने के लिए नाटक और नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
परिसर निदेशक प्रो. पी.एस. जस्सल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. पवन त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। बीए तृतीय वर्ष की छात्रा दुर्गेश ने प्रथम, बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा विद्या भारती ने द्वितीय और एमबीए द्वितीय वर्ष के छात्र आदित्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।
Editor: गरिमा बागोतिया



