Narnaul News | बच्चों को सुरक्षा अधिकारों की जानकारी : पॉक्सो एक्ट पर किया जागरूक | गुड-बैड टच समझाया

बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय माध्यमिक विद्यालय नसीबपुर में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. रितु वाई.के. बहल के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
सीजेएम नीलम कुमारी ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को सरल और आयु-उपयुक्त तरीके से बताया कि अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना जरूरी है और किसी भी परिस्थिति में असहज या असुरक्षित महसूस होने पर चुप नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में जागरूक किया। बच्चों को बताया गया कि यदि किसी व्यवहार से उन्हें असहजता या असुरक्षा महसूस हो तो इसकी जानकारी तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क को दें। उन्होंने बच्चों को अपनी परेशानी साझा करने और जरूरत पड़ने पर सहायता मांगने के लिए प्रेरित किया।
सीजेएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी अपने अधिकारों को जानेंगे तो आवश्यकता पड़ने पर सही व्यक्ति और संस्था से सहायता प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बच्चों को किसी भी परेशानी को डर या संकोच के कारण छिपाने के बजाय विश्वसनीय वयस्क से साझा करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और पुलिस की आपातकालीन सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
नीलम कुमारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सहायता के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समाज के जरूरतमंद वर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित पात्र लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।
उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता का उद्देश्य केवल कानूनों की जानकारी देना नहीं, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था के प्रति सजग बनाना भी है। बच्चों को कम उम्र से ही अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी मिलने से वे जरूरत के समय उचित सहायता मांग सकते हैं।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। सीजेएम नीलम कुमारी ने कहा कि नशा स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज और देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा के साथ अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और सुरक्षा के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने, स्वस्थ आदतें अपनाने और किसी भी समस्या की स्थिति में विश्वसनीय लोगों से मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस जागरूकता शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों तक कानूनी सहायता और बाल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ सुरक्षित वातावरण के निर्माण में जागरूक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।



