Narnaul News | ITI में वित्तीय साक्षरता पर सेमिनार : डिजिटल जागरूकता पर दिया जोर | विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में लिया भाग

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नारनौल में मंगलवार को वित्तीय साक्षरता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वित्तीय एवं डिजिटल रूप से जागरूक बनने के साथ समाज में साक्षरता बढ़ाने के लिए अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। इस दौरान भाषण, निबंध लेखन और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद कुमार खंगवाल ने की। उन्होंने कहा कि साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों को पहचानना अथवा पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है। वास्तविक साक्षरता व्यक्ति को जागरूक बनाने के साथ उसे अपने निर्णय स्वयं लेने और आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाती है।

प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता का विस्तार किया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। शिक्षित युवा अपने आसपास के लोगों को जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे सकते हैं।
एलडीएम कार्यालय की काउंसलर डी.एन. यादव ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा जितनी आवश्यक है, उतनी ही डिजिटल और वित्तीय साक्षरता भी जरूरी हो गई है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास ऐसे लोगों को शिक्षा और जागरूकता से जोड़ने का आह्वान किया, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग समाज को साक्षर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए विद्यार्थियों को स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों को बदलते समय में डिजिटल और वित्तीय जानकारी की उपयोगिता से परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों के लिए अपने विषय से संबंधित कौशल के साथ दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वित्तीय एवं डिजिटल व्यवस्थाओं की समझ होना भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा और जागरूकता के महत्व के बारे में बताते हुए समाज में साक्षरता का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार के साथ छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने साक्षरता और जागरूकता से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने लेखन के माध्यम से शिक्षा और साक्षर समाज की आवश्यकता को रेखांकित किया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। पोस्टरों के माध्यम से साक्षरता, जागरूकता और शिक्षित समाज के निर्माण से संबंधित संदेश दिए गए। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को संस्थान की ओर से पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वर्ग अनुदेशक सुनील कोसलिया, युवा मामलों के जिला नोडल अधिकारी मेजर वीरेंद्र सेकवाल, जगदीश, गुरदयाल, अमित, सुदर्शन, मनीषा, नीरज यादव और शक्ति सिंह सहित संस्थान का स्टाफ तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
Editor: गरिमा बागोतिया



