Narnaul News | सड़क सुरक्षा पर 185 विद्यार्थियों ने परखा ज्ञान : ट्रैफिक नियमों के पालन पर जोर | फर्स्ट-एड की दी जानकारी

राजकीय महाविद्यालय नारनौल में सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ और यूथ रेडक्रॉस के संयुक्त तत्वावधान में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के 185 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और सुरक्षित आवागमन से जुड़े विषयों पर अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार ने की।
यह प्रतियोगिता हरियाणा पुलिस प्रशासन के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सड़क पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने के लिए प्रेरित करना रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों की जानकारी होने के साथ उनका पालन भी करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से वाहन चलाते और सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का ध्यान रखने की अपील की। डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सड़क का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। नियमों का पालन करके स्वयं के साथ दूसरे लोगों की सुरक्षा में भी योगदान दिया जा सकता है।
यूथ रेडक्रॉस के नोडल अधिकारी प्रोफेसर डॉ. चंद्र मोहन ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों और यातायात नियमों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं।
डॉ. चंद्र मोहन ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार की जानकारी हासिल करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से संचालित बुनियादी फर्स्ट-एड कोर्स विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की सही जानकारी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी एवं कुलसचिव डॉ. सत्यपाल सुलोदिया ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ रखा गया। इसमें महाविद्यालय के कुल 185 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से संबंधित सवाल पूछे गए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवा यातायात नियमों को समझकर स्वयं उनका पालन करने के साथ अपने परिवार और समाज के दूसरे लोगों को भी इसके लिए जागरूक कर सकते हैं।
प्रतियोगिता को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सड़क सुरक्षा संगठन के पदाधिकारियों ने भी सहयोग किया। इनमें सुरेश संघी, पूर्व उपप्रधान सफी मोहम्मद और उपप्रधान सोमदेव शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में डॉ. हवा सिंह, डॉ. सतीश सैनी, डॉ. विजय दीप गौड़, डॉ. धीरज और डॉ. धवनीत सैनी सहित महाविद्यालय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करने और सड़क सुरक्षा का संदेश दूसरे लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की रोड सेफ्टी एवं ट्रैफिक सेल के प्रभारी डॉ. सत्यपाल सुलोदिया ने प्रतियोगिता के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों और प्रतिभागी विद्यार्थियों का आभार जताया।



