Mahendragarh News | आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से बढ़ेगी किसानों की आय : बड़ी कंपनियां करेंगी सीधी खरीद | 150 किसान संवाद में पहुंचे

सूखे और कम पानी की चुनौती से जूझ रहे दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में किसानों को पारंपरिक खेती से अलग आलू की व्यावसायिक खेती और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। बागवानी विभाग और अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी) ने सुंदरह स्थित आईएचडीसी में एक दिवसीय किसान-उद्योग संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य किसानों को आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की जानकारी देने के साथ उन्हें प्रोसेसिंग उद्योग से सीधे जोड़ना रहा।
बड़ी कंपनियों से किसानों का संवाद
कार्यक्रम में पेप्सिको, बालाजी और हाइफन/मंत्रा जैसी फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। महेंद्रगढ़ के साथ भिवानी, चरखी दादरी और रेवाड़ी से लगभग 150 प्रगतिशील किसान कार्यक्रम में पहुंचे। कंपनी प्रतिनिधियों ने किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के मॉडल और आलू की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी गुणवत्ता मानकों की जानकारी दी।
किसानों को बताया गया कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन करने पर कंपनियां तय शर्तों और दरों के अनुसार उपज की खरीद कर सकती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार से सीधे जोड़ना और मंडी में कीमतों के उतार-चढ़ाव से होने वाले जोखिम को कम करना है।

50 एकड़ में हुआ था ट्रायल
कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले वर्ष क्षेत्र में करीब 50 एकड़ भूमि पर आलू उत्पादन का ट्रायल किया गया था। इसके परिणामों के बाद अब इस मॉडल को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। संवाद के दौरान किसानों ने कंपनियों और कृषि विशेषज्ञों से उत्पादन, गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया और बाजार से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी ली।
वैज्ञानिक खेती की दी जानकारी
विशेषज्ञ डॉ. सरदार सिंह, डॉ. अजय और सीआईपी के कंट्री मैनेजर डॉ. नीरज शर्मा ने क्षेत्र में आलू उत्पादन की संभावनाओं पर जानकारी दी। विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम हरियाणा की जलवायु और मिट्टी में आलू की प्रोसेसिंग किस्मों की खेती की संभावनाएं हैं। किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाकर बेहतर उत्पादन लेने के लिए प्रेरित किया गया।
सीआईपी की वैज्ञानिक टीम से डॉ. निर्मल और डॉ. दीपा तथा कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. नरेश यादव, डॉ. बलबीर सिंह और डॉ. नरेंद्र यादव ने आलू की आधुनिक किस्मों, स्वस्थ बीज के चयन, रोग एवं कीट प्रबंधन सहित उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रेम यादव, डॉ. नेहा यादव और डॉ. मुकेश ने किसानों को बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को नई और व्यावसायिक फसलों की तरफ बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
तकनीकी सहायता पर जोर
मुख्य अतिथि एवं उपनिदेशक उद्यान डॉ. मनदीप यादव ने किसानों को हरियाणा सरकार की बागवानी से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को बागवानी फसलों से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
कार्यक्रम में बागवानी विभाग, सीआईपी, कृषि विज्ञान केंद्र और निजी उद्योग के बीच समन्वय के माध्यम से क्षेत्र में आलू की कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों को पानी की उपलब्धता, उत्पादन लागत और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से फसल चयन करने के लिए प्रेरित किया।



