Ateli News | पांच साल तक के बच्चों का होगा फ्री हेल्थ चेकअप : मुफ्त दवा भी मिलेगी | जनसेवा फाउंडेशन कार्यालय का उद्घाटन

मंडी अटेली। पांच साल तक के बच्चों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रुद्राक्षी जनसेवा फाउंडेशन के कार्यालय का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में युवा नेत्री डॉ. राजवती यादव, समाजसेवी एडवोकेट अतरलाल और महिला कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रवीण कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
फाउंडेशन के डायरेक्टर एवं रेलवे के डीआरयूसीसी सदस्य हरमेश कुमार और गांव के सरपंच राहुल ने अतिथियों का स्वागत किया। फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि पांच साल तक के बच्चों को स्वास्थ्य जांच और दवाओं के साथ जरूरत की अन्य सामग्री भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में जरूरत के अनुसार आवश्यक सामान के वितरण की योजना भी बनाई गई है। फाउंडेशन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ उनकी शिक्षा और कल्याण से जुड़े विषयों पर भी काम करेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजवती यादव ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। उन्होंने फाउंडेशन की ओर से शुरू किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की।
समाजसेवी एडवोकेट अतरलाल ने कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए किए जाने वाले कार्यों से समाज को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित बच्चे भविष्य में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रो. प्रवीण कुमार ने स्वास्थ्य के साथ शिक्षा के प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास के लिए लोगों का स्वस्थ और शिक्षित होना जरूरी है।
फाउंडेशन के डायरेक्टर हरमेश कुमार ने बताया कि संस्था बच्चों के स्वास्थ्य और आवश्यक सुविधाओं के साथ बाल मजदूरी और बच्चों के शोषण जैसे मुद्दों को लेकर भी जागरूकता एवं सहायता के क्षेत्र में काम करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वस्थ और सशक्त बनाने के उद्देश्य से संस्था विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित करेगी।
कार्यक्रम में सरपंच राहुल, भूपेंद्र रायपुरिया, अंकित यादव, रजनेश, राजकुमार बोचड़िया, राधेश्याम, भाग सिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, दान सिंह प्रजापत, शेरसिंह प्रजापत, सोनू खारीवाड़ा, नरेश चौहान और लक्ष्मीनारायण सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
Editor: नितिन यादव



