Ateli News | कांटी गोलीकांड ने पकड़ा तूल : 4 सितंबर तक गिरफ्तारी की मांग | नहीं तो महापंचायत

कांटी बस स्टैंड पर हुए गोलीकांड का मामला आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को क्षेत्र के सरपंचों, मौजिज लोगों और ग्रामीणों ने पंचायत कर पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 4 सितंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो क्षेत्र में महापंचायत बुलाकर आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
इससे पहले नावदी, रामपुरा खेड़ी, कांटी और बिहाली गांव के मौजिज लोगों एवं सरपंचों ने बैठक कर मामले में आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया था। इसके बाद मंगलवार को खेड़ी गांव के सरपंच सत्यनारायण की अध्यक्षता में पंचायत आयोजित की गई, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
पंचायत में ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की कि गोलीकांड में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सरपंच देवी सिंह उर्फ देबू ने आरोप लगाया कि कांटी बस स्टैंड पर दिनदहाड़े फायरिंग की घटना हुई, लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन ग्रामीण अब आरोपियों की गिरफ्तारी चाहते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 4 सितंबर तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो आसपास के गांवों के लोगों को एकजुट कर महापंचायत बुलाई जाएगी। महापंचायत में मामले को लेकर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार 30 अगस्त को कांटी बस स्टैंड पर बाइक सवार युवकों द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर फायरिंग करने का आरोप है। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी। वारदात के बाद से स्थानीय ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने दुकान संचालक रोहित की शिकायत पर गांव रामपुरा निवासी पंकज और भोलू सहित एक अन्य आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। ग्रामीणों का कहना है कि मामला दर्ज होने के बाद अब आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।
पंचायत में नावदी, रामपुरा, खेड़ी, कांटी और बिहाली गांव के सरपंचों सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से 4 सितंबर तक कार्रवाई करने की मांग दोहराई और ऐसा नहीं होने पर महापंचायत बुलाने की चेतावनी दी।



