Ateli News | सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी : कई पद पड़े रिक्त | पढ़ाई हो रही प्रभावित

अटेली ब्लॉक के सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के कई पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभिन्न स्कूलों में विषय अध्यापकों से लेकर मुख्याध्यापक तक के पद खाली बताए जा रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते उपलब्ध अध्यापकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है, वहीं विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय पर पाठ्यक्रम पूरा होने की चिंता बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अटेली ब्लॉक में करीब 130 राजकीय शिक्षण संस्थान हैं। इनमें 14 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 12 राजकीय उच्च विद्यालय, 18 मिडिल स्कूल और करीब 50 प्राथमिक पाठशालाएं शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा विभिन्न क्लस्टरों के अंतर्गत भी विद्यालय संचालित हैं। इनमें शिक्षकों के अनेक पद रिक्त होने की बात सामने आई है।

शिक्षकों की कमी का असर विशेष रूप से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में महसूस किया जा रहा है। विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए नियमित अध्यापक उपलब्ध नहीं होने से मौजूदा शिक्षकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ऐसे में निर्धारित समय के भीतर पाठ्यक्रम पूरा करना भी चुनौती बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अटेली में विभिन्न विषयों के दो अध्यापकों के पद रिक्त हैं। इसी प्रकार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिहाली में भी अलग-अलग विषयों के दो शिक्षकों के पद खाली बताए गए हैं। विषय अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा कराने को लेकर परेशानी बनी हुई है।
मिडिल स्कूल कटकई में भी स्थिति अलग नहीं है। यहां मौलिक मुख्याध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त बताया गया है। फिलहाल मुख्याध्यापक पद का कार्यभार विद्यालय के शारीरिक शिक्षा निदेशक को अस्थायी रूप से सौंपा गया है। इसके अलावा स्कूल में दो शिक्षक अतिथि अध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
राजकीय उच्च विद्यालय कुंजपुरा में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। यहां मुख्याध्यापक का पद रिक्त होने के साथ कुछ विषय अध्यापकों की कमी भी बताई गई है। स्कूलों में प्रशासनिक पदों के साथ विषय अध्यापकों के पद खाली होने से उपलब्ध स्टाफ को शिक्षण के साथ अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं।
अध्यापकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों में भी चिंता बनी हुई है। नियमित रूप से विषय अध्यापक उपलब्ध नहीं होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका रहती है। विशेष रूप से बोर्ड कक्षाओं और उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए समय पर पाठ्यक्रम पूरा होना महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी कुसुम लता यादव ने बताया कि ब्लॉक के कई स्कूलों में अध्यापकों की कमी महसूस की जा रही है। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उपलब्ध अध्यापकों के माध्यम से पाठ्यक्रम पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार की व्यवस्था के तहत 20 अक्टूबर तक ट्रांसफर पॉलिसी की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि ट्रांसफर पॉलिसी की प्रक्रिया के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक पूरी हो सकेगी।
फिलहाल ब्लॉक के जिन स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां मौजूदा स्टाफ के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को भी उम्मीद है कि स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों पर शिक्षक उपलब्ध होने से पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर होगी।



