Yamunanagar News | दड़बा में प्रस्तावित गोबर धन गैस प्लांट का विरोध : ग्रामीणों ने विधायक से की मुलाकात | पहले से प्रदूषण की परेशानी का दावा
दड़बा गांव में प्रस्तावित गोबर धन गैस प्लांट को लेकर इलाके के ग्रामीणों का विरोध जारी है। बुधवार को आसपास के गांवों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से मुलाकात की और प्लांट को दड़बा क्षेत्र में स्थापित नहीं करने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले से कई बड़े प्रोजेक्ट संचालित हैं और नए प्लांट से उनकी परेशानियां बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों के अनुसार गोबर धन गैस प्लांट को पहले मुकरामपुर और उससे पहले दामला में स्थापित किए जाने की बात थी। उनका दावा है कि वहां विरोध के बाद अब इसे दड़बा और फतेहपुर की सीमा में स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसी को लेकर आसपास के गांवों के लोग विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि क्षेत्र में पहले से 600 मेगावाट का थर्मल प्लांट लगा हुआ है। उनका आरोप है कि इससे निकलने वाली राख के कारण आसपास के कई गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने का भी दावा किया।

ग्रामीणों ने कहा कि इसी क्षेत्र में 800 मेगावाट की एक और यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं। इसके अलावा दड़बा में डेयरी कॉम्प्लेक्स और इलाके में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी मौजूद होने की बात कही गई।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही क्षेत्र में लगातार विभिन्न परियोजनाएं स्थापित होने से उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे में गोबर धन गैस प्लांट भी यहां स्थापित होने पर उन्हें और परेशानी होने की आशंका है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से प्लांट के लिए किसी दूसरे स्थान पर विचार करने की मांग की।

विधायक से मिलने वालों में नरेश कंबोज, अरविंद सरपंच, कमल सरपंच, राज कुमार सरपंच, विक्रांत कंबोज, तारा चंद, छोटू राम पूर्व सरपंच, कुलदीप कंबोज, आशीष मित्तल, रणधीर पूर्व सरपंच और पंच संजीव सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
वहीं विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि प्रस्तावित प्लांट पहले मुकरामपुर में लगाया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से अब वहां स्थापित नहीं किया जा रहा है। दड़बा क्षेत्र के ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात कर प्लांट को यहां नहीं लगाने का आग्रह किया है।
विधायक ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्या को लेकर जिला प्रशासन और सरकार से बात की है। उन्होंने आग्रह किया है कि मामले का ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो। ग्रामीणों को भी उनकी बात उचित स्तर पर रखने और समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया गया है।



