Yamunanagar News | रेस्टोरेंट में कचरा पृथक्करण पर जोर : चार-बिन व्यवस्था की सीख | कर्मचारियों को किया जागरूक

नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन टीम ने शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने और कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग-अलग करने के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए वार्ड नंबर 8 के मॉडल टाउन स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के तहत आयोजित इस कार्यशाला में रेस्टोरेंट प्रबंधन और कर्मचारियों को कचरा प्रबंधन, चार-बिन व्यवस्था और कचरे की ऑन-साइट प्रोसेसिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशाला का आयोजन मेयर सुमन बहमनी और निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के निर्देशों पर किया गया। नगर निगम की टीम ने रेस्टोरेंट में प्रतिदिन निकलने वाले विभिन्न प्रकार के कचरे को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग रखने पर विशेष जोर दिया। टीम ने बताया कि यदि कचरे को निकलने वाले स्थान पर ही सही तरीके से अलग कर दिया जाए तो उसके निस्तारण और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।

स्वच्छ भारत मिशन शहरी टीम के विशेषज्ञ आकाश कुमार ने रेस्टोरेंट प्रबंधन और कर्मचारियों को ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न प्रावधानों और मानकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण सुनिश्चित करना आवश्यक है। रेस्टोरेंट में उत्पन्न होने वाले गीले और सूखे कचरे को निर्धारित बिन में अलग-अलग रखा जाए, ताकि दोनों प्रकार के कचरे का उचित तरीके से निस्तारण किया जा सके।
कार्यशाला के दौरान चार-बिन कचरा पृथक्करण व्यवस्था को प्रभावी तरीके से अपनाने पर जोर दिया गया। कर्मचारियों को बताया गया कि कचरे को एक ही स्थान पर मिलाने के बजाय उसकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग निर्धारित बिन में डालना चाहिए। इससे कचरे की प्रोसेसिंग आसान होती है और उपयोगी कचरे का बेहतर प्रबंधन भी किया जा सकता है।

विशेषज्ञ आकाश कुमार ने रेस्टोरेंट से निकलने वाले गीले कचरे की यथासंभव मौके पर ही कम्पोस्टिंग अथवा प्रोसेसिंग करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि कचरे की उचित प्रोसेसिंग होने से लैंडफिल तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम की जा सकती है। इससे कचरा निस्तारण व्यवस्था पर दबाव कम होने के साथ स्वच्छता व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम की टीम ने रेस्टोरेंट प्रबंधन को कचरे से संबंधित रिकॉर्ड और डेटा नियमित रूप से अपडेट रखने के लिए भी जागरूक किया। आवश्यक जानकारी का उचित संधारण करने और कचरा प्रबंधन से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। टीम ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने रेस्टोरेंट कर्मचारियों से कहा कि वे स्वयं कचरे को अलग-अलग रखने के साथ यहां आने वाले ग्राहकों को भी निर्धारित बिन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करें। ग्राहकों में भी स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि स्वच्छता की इस व्यवस्था में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
नगर निगम की ओर से कार्यशाला के माध्यम से रेस्टोरेंट प्रबंधन और कर्मचारियों को स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी समझाई गई। कर्मचारियों को कचरा अलग-अलग रखने के लिए प्रेरित किया गया और नियमों की प्रभावी अनुपालना पर जोर दिया गया। टीम ने कहा कि प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरे का पृथक्करण और उचित प्रोसेसिंग किए जाने से शहर की ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।



