Yamunanagar News | महिला वार्ड का निरीक्षण : बंदियों की समस्याएं सुनीं | भोजन की जांच की

हरियाणा महिला आयोग की सदस्या डॉ. अनुकम्पा गर्ग ने जिला जेल यमुनानगर के महिला वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जेल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महिला वार्ड की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और जेल प्रशासन से महिला बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अनुकम्पा गर्ग ने महिला बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने उनसे रहने, भोजन, स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरी सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान किसी महिला बंदी या जेल स्टाफ की ओर से कोई समस्या उनके संज्ञान में नहीं लाई गई। जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदियों ने उपलब्ध व्यवस्थाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया।
महिला आयोग की सदस्या ने महिला ब्लॉक में स्थित लंगर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां महिला बंदियों के लिए तैयार किए गए भोजन को चेक किया तथा भोजन तैयार करने और वितरण की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही महिला वार्ड में उपलब्ध अन्य सुविधाओं की भी जानकारी ली गई।
जिला जेल अधीक्षक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जेल में महिला बंदियों को विभिन्न प्रकार के कौशल से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। इसके तहत उन्हें अलग-अलग स्किल की जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उनमें रोजगारपरक क्षमताओं का विकास हो सके। महिला बंदियों को रोजगार से जुड़ी गतिविधियों के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन का प्रयास है कि महिला बंदियों को निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास एवं रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
निरीक्षण के दौरान महिला वार्ड की साफ-सफाई, भोजन तथा अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा गया। डॉ. अनुकम्पा गर्ग ने महिला बंदियों से उनकी दिनचर्या और जेल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आने पर व्यवस्थाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया गया।
महिला बंदियों के लिए कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में भी जेल अधिकारियों से जानकारी ली गई। जेल प्रशासन ने बताया कि बंदियों को ऐसे कौशल से जोड़ने का प्रयास किया जाता है, जो भविष्य में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकें। निरीक्षण के दौरान उप अधीक्षक जेल वरूण कुमार, जेल चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम नैयर तथा जेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



