Yamunanagar News | छात्राओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा : हैंडमेड वस्तुओं की प्रदर्शनी | राखियां-ज्वेलरी रहीं आकर्षण

कॉलेज की गृह विज्ञान एसोसिएशन की ओर से जन्माष्टमी और रक्षाबंधन के अवसर पर छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेल-कम-एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार की गई विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए कई प्रकार की हैंडमेड वस्तुएं तैयार कीं। इनमें सुंदर राखियां, हस्तनिर्मित ज्वेलरी और रक्षाबंधन से संबंधित विशेष व्यंजन प्रमुख रूप से शामिल रहे। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई वस्तुओं में पारंपरिक कला के साथ उनकी रचनात्मक सोच भी देखने को मिली।

सेल-कम-एग्जीबिशन का उद्घाटन कॉलेज की निदेशिका डॉ. वरिंदर गांधी और प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाई गई विभिन्न वस्तुओं का अवलोकन किया और उन्हें तैयार करने वाली छात्राओं से बातचीत की।
निदेशिका डॉ. वरिंदर गांधी और प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने गृह विज्ञान एसोसिएशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ पारंपरिक हस्तकला को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
प्रदर्शनी में रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई अलग-अलग डिजाइन की राखियां विशेष आकर्षण रहीं। हस्तनिर्मित ज्वेलरी में भी विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। इसके साथ रक्षाबंधन विशेष व्यंजनों को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया।
गृह विज्ञान एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को वस्तुओं को तैयार करने से लेकर उन्हें प्रदर्शित करने तक का व्यावहारिक अनुभव मिला। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के हुनर को मंच देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना रहा।
कॉलेज प्रबंधन ने गृह विज्ञान एसोसिएशन और छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। प्रदर्शनी के माध्यम से जन्माष्टमी और रक्षाबंधन के उत्सव के साथ पारंपरिक हस्तकला एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा को भी मंच मिला।



