Ambala News | अंबा मार्केट में पानी की किल्लत से लोग परेशान : 15-20 दिनों से सप्लाई बंद होने का आरोप | 250 झोपड़ियों के परिवार प्रभावित

अंबाला शहर की अंबा मार्केट में पानी की किल्लत ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यहां झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों का आरोप है कि पिछले करीब 15 से 20 दिनों से पाइपलाइन के जरिए पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी दूर-दराज के इलाकों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक अंबा मार्केट क्षेत्र में करीब 250 झोपड़ियों में परिवार रहते हैं। पानी की सप्लाई प्रभावित होने के कारण इन परिवारों के सामने पीने और घरेलू इस्तेमाल के लिए पानी जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है। लोगों का कहना है कि उन्हें पानी लेने के लिए करीब ढाई किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है।

लोगों का आरोप है कि कई दिनों से पाइपलाइन में पानी नहीं आने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सुबह से ही परिवारों को पानी की व्यवस्था करने की चिंता रहती है। दूर से पानी लाने में उनका काफी समय और मेहनत लग रही है।
पानी की कमी से मजदूर परिवारों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम पर जाने से पहले पानी का इंतजाम करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों को उठानी पड़ रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से पीने के पानी के साथ खाना बनाने, कपड़े धोने और साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पानी की समस्या को लेकर शिकायतें करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि पाइपलाइन में किसी प्रकार की खराबी है तो उसे जल्द ठीक किया जाना चाहिए और यदि किसी अन्य कारण से सप्लाई प्रभावित है तो वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
अंबा मार्केट के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पानी की सप्लाई जल्द बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक प्रभावित परिवारों के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें रोजाना ढाई किलोमीटर दूर से पानी न लाना पड़े।
फिलहाल स्थानीय लोगों की ओर से 15 से 20 दिनों से पानी की सप्लाई बंद होने का दावा किया गया है। संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही सप्लाई बाधित होने के वास्तविक कारण और इसे बहाल करने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Editor: शिवानी राजपूत



